नई दिल्ली, मई 6 -- यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के परिणामों में अब एक बड़ा और पारदर्शी बदलाव देखने को मिल सकता है। केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) को एक महत्वपूर्ण सिफारिश भेजी है। इसमें कहा गया है कि संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के सिविल सेवा परीक्षा के अंतिम चयन परिणामों में केवल मुख्य श्रेणियों (एससी, एसटी, ओबीसी) का ही जिक्र न हो, बल्कि अभ्यर्थियों की उप-जाति का विवरण भी शामिल किया जाए। इस कदम का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आरक्षण का लाभ वास्तव में उन वर्गों तक पहुंच रहा है या नहीं, जो अब भी हाशिए पर हैं। सुझाव के मुताबिक अगर ऐसा होता है तो इस बात का बेहतर ढंग से आकलन हो सकेगा कि आरक्षण नीति के लाभ विभिन्न जाति समूहों में कैसे वितरित किए जाते हैं।1995 की यूपीएससी सीएसई का मांगा गया था ब्य...