नई दिल्ली, अगस्त 1 -- उत्तर प्रदेश में अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनावों से ठीक पहले असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने दोधारी रणनीति अपनाई है। एक तरफ ओवैसी समाजवादी पार्टी (SP) और कांग्रेस के मजबूत गढ़ों में रैलियां कर भारी भीड़ जुटा रहे हैं और उन पर तीखे हमले बोल रहे हैं, तो दूसरी तरफ भाजपा की हैट्रिक रोकने के नाम पर सम्मानजनक हिस्सेदारी मिलने की शर्त के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन का दरवाजा भी खुला रख रहे हैं। पिछले डेढ़ महीनों में ओवैसी ने बहराइच, बिजनौर, सहारनपुर और मुरादाबाद जैसे मुस्लिम बहुल इलाकों में ताबड़तोड़ रैलियां की हैं। उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और उनके मुस्लिम विधायकों पर मुसलमानों को केवल वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करने और उनके हितों की रक्षा करने में विफल रहने का आ...