उन्नाव, जुलाई 18 -- Unnao News: उन्नाव। संवाददाता एक ओर भारतीय रेलवे आधुनिक सुविधाओं और विकास के नए दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर उसी रेलवे के कर्मचारी जर्जर सरकारी क्वार्टरों में जान हथेली पर रखकर रहने को मजबूर हैं। उन्नाव रेलवे कॉलोनी में बारिश के साथ छतें टपकती हैं, दीवारें दरक रही हैं और हर पल मकान गिरने का खतरा मंडरा रहा है। हादसे हो चुके हैं, शिकायतें भी अनगिनत हुईं, लेकिन जिम्मेदारों की खामोशी ने कर्मचारियों और उनके परिवारों को बदहाली के भरोसे छोड़ दिया है।

रेलवे कॉलोनी की स्थिति सिविल लाइंस और बड़े चौराहा से जुड़े मोतीनगर वार्ड स्थित रेलवे कॉलोनी का निर्माण वर्ष 1984 में रेल कर्मचारियों के लिए कराया गया था। कॉलोनी में रेल कर्मचारियों के अलावा जीआरपी अधिकारियों और जवानों के लिए भी आवास और बंगले बनाए गए थे। चार दशक बीतने के बाद अब ...