उन्नाव, सितम्बर 11 -- Unnao News: उन्नाव, संवाददाता। शहर में मौत बनकर खड़ी जर्जर इमारतें जिम्मेदारों की लापरवाही का इंतजार कर रही हैं। वर्ष 2023 से 2026 के बीच छह जर्जर इमारतें कुदरत के कहर से जमींदोज हो चुकी हैं और कई हादसों में लोग घायल भी हुए, लेकिन नगर पालिका और विकास प्राधिकरण के अफसरों की नींद नहीं टूट रही है। दिल्ली में जर्जर इमारत ढहने से हुए हादसे के बाद शहर के लोगों में भी खौफ है और अब खतरे की इमारतों को तत्काल गिराने की मांग उठने लगी है। शहर क्षेत्र में 149 जर्जर भवन ऐसे हैं जो बारिश के दौरान किसी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। बरसात में इन इमारतों का कोई न कोई हिस्सा टूटकर गिरता रहता है। बावजूद इसके जिम्मेदार विभाग नोटिस और कागजी कार्रवाई से आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। सबसे हैरान करने वाली स्थिति यह है कि इन भवनों के ध्वस्तीकरण ...