नई दिल्ली, मार्च 10 -- सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण सुनवाई के दौरान कहा कि देश की सभी महिलाओं के लिए समान अधिकार सुनिश्चित करने के लिए समान नागरिक संहिता (UCC) का होना आवश्यक है। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस आर. महादेवन और जस्टिस जोयमाला बागची की पीठ ने मुस्लिम महिलाओं के लिए समान उत्तराधिकार अधिकारों की मांग करने वाली एक याचिका पर सुनवाई करते हुए यह अहम टिप्पणी की।अदालत की चिंताएं और मुख्य सवाल भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश हुए वकील प्रशांत भूषण से कई अहम सवाल किए। जस्टिस बागची ने बॉम्बे हाई कोर्ट के ऐतिहासिक 'नरसू अप्पा माली' फैसले का हवाला दिया जिसमें कहा गया था कि पर्सनल लॉ को संवैधानिक कसौटी पर नहीं परखा जा सकत...
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