नई दिल्ली।, सितम्बर 23 -- तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 बागी सांसदों को अयोग्य घोषित करने वाली याचिकाएं लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के पास तीन महीने से लंबित पड़ी हुई हैं। आज इस मामले पर देश की सर्वोच्च अदालत में सुनवाई हुई। स्पीकर के द्वारा अंतिम फैसला लेने में हो रही देरी पर सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर रुख अपनाया और इसे चिंताजनक करार दिया है। देश के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत (CJI Surya Kant), न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी द्वारा दायर उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें बागी सांसदों की अयोग्यता पर जल्द फैसला लेने की मांग की गई है। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति बागची ने कहा कि अयोग्यता की प्रक्रिया लंबित रहने के कई तरह के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। अदालत ने कहा, "तीन महीने का समय बीत चुका है और ...