कोलकाता।, जून 12 -- Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) अपने अस्तित्व बचाने की लड़ाई लड़ रही है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सामने न केवल अपनी चार दशकों की राजनीतिक विरासत को बचाने की चुनौती है, बल्कि पार्टी के खजाने और चुनावी सिंबल बरकरार रखने का भी संकट है। बंगाल की सत्ता में 15 साल रहने के दौरान टीएमसी ने जो विशाल वित्तीय साम्राज्य खड़ा किया था, उस पर अब बड़ा सवालिया निशान लग गया है। आखिर टीएमसी के खजाने पर किसका हक होगा, ममता बनर्जी का या बागी गुट का? एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, तृणमूल कांग्रेस देश की 36 क्षेत्रीय पार्टियों में तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के बाद दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली पार्टी बनकर उभरी है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के आयकर रिटर्न में टीएमसी ने अ...