नई दिल्ली, मई 30 -- सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को देशभर के सेवारत शिक्षकों को राहत देने से इनकार करते हुए साफ कर दिया कि उन्हें 'शिक्षक पात्रता परीक्षा' (टीईटी) उत्तीर्ण करना अनिवार्य है। शीर्ष अदालत ने टीईटी को अनिवार्य बताते हुए सेवा में बने रहने के लिए यह परीक्षा पास करने की समय सीमा 31 अगस्त, 2028 तक बढ़ा दी। जस्टिस दीपांकर दत्ता और मनमोहन की पीठ ने अंजुमन इशात-ए-तालीम ट्रस्ट मामले में शीर्ष अदालत के पूर्व के फैसले की समीक्षा की मांग को लेकर दाखिल कई राज्य सरकारों, शिक्षक संघों और व्यक्तिगत शिक्षकों द्वारा दाखिल 65 से अधिक पुनर्विचार याचिकाओं को खारिज करते हुए यह फैसला दिया है। आपको बता दें कि देश में 25 लाख से ज्यादा ऐसे शिक्षक हैं जो बगैर टीईटी पात्रता हासिल किए सालों से पढ़ा रहे हैं। अब उनकी नौकरी संकट में है।31 अगस्त, 2028 तक की मो...