नई दिल्ली, मई 30 -- शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अनिवार्यता मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा शुक्रवार को दिए गए निर्णय से देश के करीब 25 लाख शिक्षकों की नौकरी खतरे में है। शीर्ष अदालत में पुनर्विचार याचिकाएं खारिज होने के बाद लाखों टीचरों में बैचेनी बढ़ गई है। नॉन टीईटी क्वालिफाइड टीचरों के बीच मायूसी का माहौल है। कोर्ट के फैसले के बाद शिक्षक संगठनों ने कड़ी नाराजगी जताई है। इस निर्णय से असंतुष्ट शिक्षकों ने मामले में सड़क से संसद तक अब आरपार की लड़ाई लड़ने की बात कही है। टीईटी मामले में उत्तर प्रदेश के 1.86 लाख से अधिक और देश भर में 20 लाख से अधिक शिक्षक प्रभावित होंगे। एमपी में 1.5 लाख शिक्षक इससे प्रभावित होंगे। झारखंड में ऐसे करीब 40 हजार शिक्षक हैं, जिन्होंने टेट पास नहीं की है।सुप्रीम कोर्ट ने टीईटी पास करने की डेडलाइन एक साल और बढ़...