नई दिल्ली, अगस्त 2 -- नासिक की एक अदालत ने सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी टीसीएस की नासिक यूनिट में कथित यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण मामले के पांच आरोपियों को यह कहते हुए जमानत दे दी कि मामले में आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है और जांच लगभग पूरी हो चुकी है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमित विनायक खरकर ने 30 जुलाई को रजा रफीक मेमन, आसिफ आफताब अंसारी, शाहरुख हुसैन शौकत कुरैशी, शफी भिकन शेख और तौसीफ बिलाल अत्तार की जमानत याचिकाएं मंजूर कर लीं। इन सभी को नासिक के मुंबई नाका पुलिस थाने में दर्ज कई प्राथमिकी के सिलसिले में जमानत दी गई। अदालत ने यह भी कहा कि आरोपियों के रिहा होने पर उनके द्वारा गवाहों को धमकाने या साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने की गंभीर आशंका नहीं है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी और पीड़िता टीसीएस की नासिक इकाई में साथ काम करते थे। पुलिस क...