नई दिल्ली, मार्च 8 -- वैदिक ज्योतिष के मुताबिक किसी भी व्यक्ति की कंडली में सूर्य की दशा गहरा प्रभाव डालती है। सूर्य आत्मा, ऊर्जा, आत्मविश्वास और अधिकार का प्रतीक माना जाता है। यह नेतृत्व, प्रसिद्धि और व्यक्तिगत शक्ति से जुड़ा होता है। मान्यता है कि अगर कुंडली में सूर्य मजबूत स्थिति में हो, तो करियर में उन्नति और समाज में सम्मान मिलता है। लेकिन अगर सूर्य कमजोर या अशुभ स्थिति में हो, तो जातक को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। चलिए जानते हैं कि सूर्य ग्रह दोष के लक्षण क्या है और इसे मबजूत करने के उपाय क्या है। चलिए इसके बारे में जानते हैं। सूर्य दोष के लक्षण- मान्यता है कि सूर्य के कुंडली में कमजोर होने पर व्यक्ति में अहंकार आ जाता है।- आत्मविश्वास की कमी झलकती है।- इसके साथ ही व्यक्ति की मान सम्मान में कमी आ जाती है।- इतना ही ...