Supaul News: सुपौल : 1958 से बंगाली परंपरा की जीवंत मिसाल, झींगा की बलि है विशेष पहचान
सुपौल, अक्टूबर 14 -- Supaul News: पिपरा, एक संवाददाता। पिपरा बाजार के दुर्गा पूजा की एक अलग ही पहचान है। यहां बंगाली पद्धति से होने वाले दुर्गा पूजा को देखने जिले के अलावा दूरदराज से श्रद्धालु बड़ी संख्या में हर साल आते हैं। ऐसी मान्यता है कि यहां जो भी भक्त आते हैं, उनकी मनोकामना पूरी होती है। लोगों के मुताबिक इस दुर्गा मंदिर की स्थापना साल 1958 में हुई थी। जानकारों के मुताबिक मंदिर स्थापना काल में पिंड की पूजा की जाती थी। धीरे-धीरे मंदिर का स्वरूप बदलता गया। फिलहाल मंदिर पक्के भवन में स्थापित है। एनएच 106 के किनारे पिपरा बाजार में स्थित इस दुर्गा मंदिर में नवरात्र के समय बड़ी संख्या में लोग आकर पूजा-अर्चना करते हैं।मंदिर निर्माण को लेकर कहा जाता है कि व्यापार के सिलसिले में बंगाल के मुर्शिदाबाद के पुटोपाड़ा से आए बंगाली परिवार के लोगों ...
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