सुपौल, जुलाई 30 -- Supaul News: प्रतापगंज, निज प्रतिनिधि। बाढ़ प्रभावित प्रतापगंज प्रखंड में बाढ़ के समय लोगों को सुरक्षित आश्रय देने के उद्देश्य से करीब 15 वर्ष पूर्व बनाए गए बाढ़ आश्रय स्थलों की स्थिति आज बदहाल हो चुकी है। विभागीय उदासीनता और वर्षों से रखरखाव नहीं होने के कारण अधिकांश भवन जर्जर हो गए हैं। कई स्थानों पर इनका उपयोग मूल उद्देश्य के बजाय स्कूल, सिलाई प्रशिक्षण केंद्र और पैक्स के धान भंडारण के लिए किया जा रहा है, जबकि कहीं भवन आग में जलकर खंडहर में तब्दील हो चुका है। प्रखंड की नौ पंचायतों में से चिलौनी दक्षिण पंचायत को छोड़कर आठ पंचायतों में बाढ़ आश्रय स्थलों का निर्माण कराया गया था। इनमें बिजली, चापाकल, शौचालय और पशुशेड जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी थी, लेकिन वर्तमान में अधिकांश सुविधाएं या तो नष्ट हो चुकी हैं या ...