सुपौल, जुलाई 26 -- Supaul News: सुपौल, हिन्दुस्तान संवाददाता। रेलवे स्टेशन का स्वरूप पिछले छह वर्षों में काफी बदल गया है। अमान परिवर्तन के बाद यहां ट्रेनों की संख्या बढ़ी, यात्री सुविधाओं का विस्तार हुआ और स्टेशन का महत्व भी लगातार बढ़ता गया। लेकिन इस विकास के बीच रेलवे कर्मचारियों की सबसे बुनियादी जरूरत आज भी अधूरी है।

कर्मचारियों के लिए आवास की कमी स्टेशन परिसर में स्टाफ के लिए सरकारी क्वार्टर नहीं होने से अधिकांश रेलकर्मी किराये के मकानों में रहने को विवश हैं। इसका असर केवल उनकी निजी जिंदगी पर ही नहीं, बल्कि रेलवे के दैनिक संचालन पर भी पड़ रहा है। स्टेशन पर तैनात तकनीकी और परिचालन शाखा के कर्मचारियों को ड्यूटी के लिए शहर के अलग-अलग हिस्सों से आना पड़ता है। कई कर्मचारी स्टेशन से काफी दूरी पर किराये के मकानों में रहते हैं। ऐसे में रात की ड्...