सुपौल, अक्टूबर 24 -- Supaul News: सुपौल, कार्यालय संवाददाता त्योहारों का सीजन आते ही जिले में मिलावटी मिठाइयों का कारोबार बढ़ने की आशंका गहराने लगी है। दशहरा के बाद अब दिवाली, छठ और शादी-विवाह के मौसम में मिठाइयों की मांग बढ़ने के साथ नकली मावा (खोवा), मिलावटी पनीर, दूध और घी की आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है। बाजार में सजी रंग-बिरंगी मिठाइयों के बीच असली और नकली की पहचान करना आम लोगों के लिए मुश्किल है। वहीं, जिले में खाद्य पदार्थों की जांच के सीमित संसाधन, अधिकारियों पर कई जिलों का प्रभार और कार्रवाई की धीमी प्रक्रिया मिलावट पर प्रभावी नियंत्रण की राह में चुनौती बनी हुई है। त्योहारों और लगन के दिनों में मिठाई की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ बढ़ जाती है। लड्डू, पेड़ा, बर्फी, कलाकंद और खोवा से बनने वाली अन्य मिठाइयों की मांग बढ़ने से दुका...