सुपौल, अगस्त 26 -- Supaul News: किशनपुर,एक संवाददाता सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने के लाख दावे कर रही है, लेकिन किशनपुर प्रखंड में ये दावे हकीकत से कोसों दूर नजर आ रहे हैं। डॉक्टर, स्वास्थ्यकर्मी और संसाधनों की कमी के कारण प्रखंड के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को समुचित स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पा रही है। इलाज के लिए लोगों को निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है। प्रखंड का एकमात्र सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीएचसी करीब ढाई लाख से अधिक की आबादी के स्वास्थ्य का मुख्य सहारा है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। प्रतिदिन 15 से 20 प्रसव कराए जाते हैं, जबकि इमरजेंसी में भी मरीजों की संख्या काफी रहती है। एनएच से जुड़े होने और बाढ़ प्रभावित क्षेत्र होने के कारण अस्पताल पर अतिरिक्त दबाव रहता है। अस्पताल में चि...