सुल्तानपुर, अक्टूबर 14 -- Sultanpur News: सुलतानपुर। परिवार न्यायालय की न्यायाधीश निशा सिंह ने एक महत्वपूर्ण आदेश में कहा है कि अक्षमता साबित होने पर विरलतम मामलों में ही वयस्क संतान माता-पिता से गुजारा भत्ता पाने की हकदार है। वयस्क संतान को पिता से गुजारा भत्ता पाने के लिए कानूनी शर्तों को न्यायालय में साबित करना पड़ेगा। पति से विवाह विच्छेद के बाद अमन रजा की मां नसरीन मायके में थी। मां के साथ रह रहे पुत्र ने व्यस्क होने पर अपनी अक्षमता बताते हुए पिता से गुजारा भत्ता पाने की याचिका कोर्ट में दाखिल की जिसे कोर्ट ने सुनवाई की मंजूरी दी है। अमन रजा ने पिता जैनुल हक के खिलाफ साल 2025 में ये याचिका दायर की थी। यह भी पढ़ें- अगर विधवा बहू अपना खर्च नहीं उठा सकती तो कौन करेगा भरण-पोषण? दिल्ली HC ने क्या कहा? कोर्ट ने 27 नवम्बर को अमनरजा को साक्ष...