नई दिल्ली, जुलाई 8 -- Success Story Rajasthan Women Sunita Chaudhary Police Constable : मन के हारे हार है और मन के जीते जीत, अगर इंसान मन से न हारे तो बड़ी से बड़ी परेशानी भी घुटने टेक देती है। राजस्थान की सुनीता चौधरी की कहानी अदम्य साहस, संघर्ष और दृढ़ निश्चय की एक शानदार मिसाल है। बाड़मेर के बायतु के एक किसान परिवार में जन्मीं सुनीता ने बाल विवाह और कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी को हराकर ग्रामीण समाज की लड़कियों के सामने एक बेहतरीन उदाहरण पेश किया है। सुनीता चौधरी ने बचपन में ही तय कर लिया था कि वह पढ़ेंगी और कुछ बनेंगी। अपनी कामयाबी से वो समाज की सोच बदलेंगी। अपने अटूट इरादों से उन्होंने यह करके भी दिखाया। यहां पढ़ें सुनीता की सक्सेस स्टोरी-3 साल की उम्र में ही शादी एक ऐसा गांव जहां बाल विवाह काफी आम बात थी, बेटियों को सपने देखने का कोई ह...