नई दिल्ली, जुलाई 3 -- मध्य प्रदेश के होशंगाबाद जिले के रहने वाले मनोज पाल की कहानी काफी दिलचस्प है। उनकी कहानी जज्बे और धैर्य की मिसाल है। लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं में असफल होने की वजह से समाज और पड़ोसी ताने मारने लगे। कहते थे कि पढ़ाई को छोड़ दो और कुछ काम-धंधा शुरू कर लो। लेकिन इन तानों से मनोज पाल बिल्कुल विचलित नहीं हुए और अपने लक्ष्य को लेकर अडिग रहे। करीब 10 से 11 सालों के संघर्ष में उन्हें 10 या 20 परीक्षाओं में ही नहीं बल्कि करीब 40 बार परीक्षाओं में असफलता हाथ लगी। लेकिन इन असफलातों से वो निराश नहीं हुए, बल्कि उन्होंने अपने आप को मजबूत बनाने के लिए सीखने और पढ़ने की प्रक्रिया जारी रखी। आखिरकार 12 साल बाद सब्र और इम्तिहान का फल मिला और उन्होंने ​मध्य प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन (MPPSC) क्रैक किया और अफसर बने। चलिए मनोज पाल से मिल...