नई दिल्ली, जुलाई 25 -- एक मशहूर शेर है कि मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है, पंख से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है। इस शेर पर राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के घोसुंडा गांव में रहने वाले रामलाल की कहानी बिल्कुल फिट बैठती है। छात्र रामलाल ने नीट जैसी कठिन परीक्षा को पास कर यह साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों, तो किस्मत भी बदली जा सकती है। यह बात है साल 2023 की जब रामलाल ने कई प्रयासों के बाद नीट में सफलता हासिल की थी। हालांकि यहां तक पहुंचना उनके लिए आसान नहीं था। उनकी लाइफ की जद्दोजहद तब शुरू होती है, जब उनका 11 साल की उम्र में विवाह करा दिया जाता है। बाल विवाह अक्सर बच्चों के सपनों और भविष्य पर रोक लगा देता है, लेकिन कुछ लोग अपनी मेहनत और हिम्मत से इन मुश्किलों को पीछे छोड़ देते हैं। लेकिन रामलाल भोई ने अपने...