नई दिल्ली, जुलाई 10 -- भारत में लाखों छात्रों का सपना होता है कि वे 12वीं में अच्छे अंक लाएं, प्रवेश परीक्षा पास करें, बीटेक करें और सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनें। छात्र इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला पाने के लिए कड़ी मेहनत भी करते हैं। लेकिन कभी-कभी कुछ कहानियां यह दिखाती हैं कि सफलता पाने का सिर्फ एक ही रास्ता नहीं होता। अब्दुल अलीम की कहानी भी ऐसी ही प्रेरणादायक मिसाल है। उन्होंने कॉलेज की पढ़ाई नहीं की और केवल 10वीं तक ही पढ़ें। इसके बावजूद आज वह Zoho Corporation में 12 साल से अधिक समय से मेंबर ऑफ टेक्निकल स्टाफ के पद पर काम कर रहे हैं। उनकी सफलता यह साबित करती है कि सही गाइडेंस, सीखने की इच्छा और हुनर कई बार डिग्री से भी ज्यादा मायने रखते हैं। हालांकि, जब उन्होंने 2013 में Zoho जॉइन किया था, तब वह इंजीनियर नहीं थे। उनकी पहली नौकरी सिक्योरिटी...