नई दिल्ली, अक्टूबर 3 -- रमधारी सिंह दिन की एक कविता है कि सच है, विपत्ति जब आती है,कायर को ही दहलाती है, शूरमा नहीं विचलित होते, क्षण एक नहीं धीरज खोते, विघ्नों को गले लगाते हैं, कांटों में राह बनाते हैं। ये लाइनें बिहार की रहने वाली सुधा सिंह की कहानी पर बिल्कुल सटीक बैठती है। दो बार UPSC में असफल होने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। इसके बाद उन्होंने अपनी रणनीति बदली, मेहनत जारी रखी और आखिरकार BPSC 70वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर SDM बनने का सपना पूरा कर लिया। हालांकि, बीपीएससी की राह भी आसान नहीं थीं। यहां भी उन्हें 2 बार असफलता हासिल हुई थी। लेकिन डटीं रही हैं। इसी का नतीजा है कि आज उनकी कहानी उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो असफलता के बाद खुद को कमजोर समझने लगते हैं और मैदान छोड़कर भाग जाते हैं। चल...