नई दिल्ली, जुलाई 23 -- NEET Success Story: कहते हैं कि अगर मन में दृढ़ संकल्प हो और परिवार का सही मार्गदर्शन मिले, तो बड़ी से बड़ी मंजिल हासिल की जा सकती है। इस बात को सच साबित कर दिखाया है दिल्ली के रोहिणी में रहने वाले कैलाश चौधरी और उनकी दो होनहार बेटियों-प्रज्ञा और अंबिका ने। कैलाश चौधरी ने महंगे कोचिंग संस्थानों पर निर्भर रहने के बजाय खुद अपनी बेटियों के शिक्षक बनने का फैसला किया और उन्हें नीट (NEET) जैसी कठिन परीक्षा की तैयारी कराई। पिता के मार्गदर्शन और बेटियों की मेहनत का नतीजा यह रहा कि आज दोनों बहनें डॉक्टर बनने की राह पर अग्रसर हैं।बड़ी बेटी प्रज्ञा की शानदार सफलता कैलाश चौधरी की बड़ी बेटी प्रज्ञा ने नीट परीक्षा 2024 में 668 अंक हासिल किए और ऑल इंडिया 13,000वीं रैंक प्राप्त की। अपनी इस शानदार रैंक के दम पर प्रज्ञा ने बिहार के न...