नई दिल्ली, जुलाई 31 -- Success Story: कहते हैं कि मेहनत कभी भी जाया नहीं जाती है और इसका फल देर मगर दुरुस्त मिलता है। एक ऐसी ही कहानी है अजीत कुमार की, जो कभी फूड डिलीवरी का काम करते थे। इस दौरान वो रोज करीब 100 किलोमीटर साइकिल चलाते और 16 घंटे तक काम करते थे। इसकी कई वजहें थी, एक तो आर्थिक तंगी, दूसरी पारिवारिक जिम्मेदारी और कर्ज। इन्हीं चीजों को लेकर वो दिन-रात मेहनत किया करते थे। लेकिन एक सड़क हादसे ने उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल दी। हादसे के बाद उन्हें लंबे समय तक बिस्तर पर रहना पड़ा और उनकी नौकरी भी छूट गई।लेखन प्रतिभा को पहचाना हालांकि, यही मुश्किल दौर उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ। इस हादसे के बाद अजीत कुमार ने अपनी लेखन प्रतिभा को पहचाना और ऑडियो-फिक्शन लिखना शुरू किया। अपनी मेहनत और रचनात्मकता के दम पर उन्होंने इस क्षेत्र ...