सोनभद्र, अक्टूबर 25 -- Sonbhadra News: ओबरा। आदिवासियों के मूल अधिकारों और सांस्कृतिक पहचान पर संकट गहराता जा रहा है। जल, जंगल और जमीन पर उनके संवैधानिक अधिकारों के हनन तथा जनगणना में आदिवासी धर्म कोड का अलग कॉलम नहीं होने का मुद्दा अब व्यापक स्तर पर उठाया जाएगा। आगामी 1 और 2 नवंबर को वाराणसी में आयोजित होने वाले नई पीढ़ी संवाद में आदिवासियों के अधिकारों और उनकी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। यह मुद्दा शनिवार को जुगैल क्षेत्र के चाडम, पिपरा सहित विभिन्न गांवों में आयोजित बैठक एवं जनसंवाद के दौरान प्रमुखता से उठाया गया। जनसंवाद में ग्रामीणों ने जुगैल क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं की बदहाल स्थिति पर चिंता जताई। यह भी पढ़ें- Sonbhadra News: आदिवासी संस्कृति और परंपरा को सहेजने का आह्वान ग्रामीणों ने रोजगार...