सोनभद्र, अक्टूबर 16 -- Sonbhadra News: सोनभद्र, संवाददाता। नगर के रामलीला मैदान में आयोजित रामलीला के सातवें दिन भगवान राम के वनवास की लीला का सजीव मंचन किया गया। वन गमन के समय पुत्र वियोग महाराज दशरथ का विलाप देख कर बैठे दर्शकों की आंखों से अश्रु धारा बहने लगी। कलाकारों ने रामलीला की शुरुआत के दृश्य में दिखाया गया कि अयोध्या नरेश महाराज दशरथ ने विचार किया कि राम को अयोध्या का राजा बनाया जाए। उन्होंने अपने मंत्री सुमंत को बुलाकर बड़े बेटे राम को राजा बनाए जाने के लिये राज्याभिषेक की तैयारी करने का आदेश दिया। यह सूचना जैसे ही महारानी कैकेयी की दासी मंथरा को प्राप्त हुई, मंथरा ने महारानी के कान भरना शुरू कर दिया। महारानी कैकेयी मंथरा की बातों को मानकर राजा दशरथ से अपने पुराने दो वरदान मांगे। यह भी पढ़ें- Muzaffarnagar News: कैकेयी के कोप से ...