सोनभद्र, अक्टूबर 6 -- Sonbhadra News: सोनभद्र,संवाददाता। बदलती कृषि परिस्थितियों और बढ़ती लागत के बीच जिले के किसानों का रुझान अब मोटे अनाजों की खेती की ओर बढ़ने लगा है। कम पानी में बेहतर उत्पादन, अपेक्षाकृत कम लागत और बाजार में बढ़ती मांग के चलते किसान परंपरागत फसलों के साथ ज्वार, बाजरा, मड़ुआ, कोदो और कुटकी जैसी फसलों को भी खेतों में जगह दे रहे हैं। इससे न केवल किसानों को खेती के नए विकल्प मिल रहे हैं, बल्कि मोटे अनाजों की बढ़ती लोकप्रियता से उनकी बिक्री की संभावनाएं भी मजबूत हुई हैं।

मोटे अनाज की खेती का क्षेत्रफल जिले में मोटे अनाज की खेती 11571 हेक्टेयर में की गई है। कई क्षेत्रों में सिंचाई के सीमित साधन किसानों के लिए बड़ी चुनौती हैं। ऐसे में मोटे अनाज किसानों के लिए उपयोगी विकल्प बनकर उभर रहे हैं। इन फसलों को अपेक्षाकृत कम पानी की...