नई दिल्ली, मार्च 29 -- हिंदू धर्म में भगवान शिव को समर्पित प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है। यह व्रत महीने में दो बार (शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर) रखा जाता है। मार्च 2026 में तीसरा और आखिरी प्रदोष व्रत 30 मार्च 2026, सोमवार को पड़ रहा है। सोमवार का दिन होने के कारण इसे सोम प्रदोष व्रत कहा जाएगा। इस व्रत को रखने और सही विधि से पूजा करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और भक्तों को सुख, शांति, स्वास्थ्य तथा मनोकामनाओं की पूर्ति का आशीर्वाद मिलता है। जो लोग पहली बार इस व्रत को रख रहे हैं, उनके लिए यहां पूरी जानकारी दी गई है।सोम प्रदोष व्रत 2026 की तिथि और समय द्रिक पंचांग के अनुसार, चैत्र मास की शुक्ल पक्ष त्रयोदशी तिथि 30 मार्च 2026 को सुबह 7:09 बजे शुरू होगी और 31 मार्च 2026 को सुबह 6:55 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के आधार पर सोम प्...