सीवान, अगस्त 7 -- Siwan News सीवान, हिन्दुस्तान संवाददाता। एक समय जिले की पहचान बना बुनकर व्यवसाय अब इस पेशा से जुड़े लोगों के लिए सिर्फ आय का जरिया बनकर रह गया है। कारण कि बुनकरों के पारंपरिक व्यवसाय पर ग्रहण लगने से हजारों श्रमिक बेरोजगार हो गए हैं। जिले के पारंपरिक बुनकर उद्योग व जमालहाता जैसे प्रसिद्ध हतकरघा क्षेत्रों में सूत पर लगे कर, आधुनिक पावरलूम मशीनों की कमी व सरकारी कामकाज तक सीमित रहने से हजारों बुनकर बेरोजगार व भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं। कभी सीवान के जमालहाता में बनने वाली खूबसूरत सूती साड़ियां, धोती, चादर व गमछे की जगह अब केवल सरकारी अस्पतालों की चादरें या स्कूली बच्चों की ड्रेस जैसे सीमित अनुबंध ही बचे हैं। आधुनिक तकनीक व उचित आमदनी के अभाव में बुनकरों की नई पीढ़ी इस पैतृक व हुनरमंद व्यवसाय से पूरी तरह दूर हो रही है। ...