सीतापुर, अगस्त 9 -- Sitapur News: सीतापुर, संवाददाता। तरीनपुर स्थित मां काली मंदिर में श्रीकृष्ण सेवा संस्थान के द्वारा रविवार को श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन हुआ। कथा व्यास आचार्य अशोक अवस्थी महाराज ने कहा कि भगवान के प्रेमी भक्त को श्रीहरि के परायण होकर भक्ति-युक्त बुद्धि से मन, वाणी और प्राणों का संयम करना चाहिए। उन्होंने जीवन के चार आश्रमों के मुख्य धर्म समझाते हुए बताया कि ब्रह्मचारी का धर्म आचार्य की सेवा, गृहस्थ का प्राणियों की रक्षा व यज्ञ-याग, वानप्रस्थी का तपस्या व भगवद् भाव, तथा संन्यासी का मुख्य धर्म शांति और अहिंसा है। समस्त प्राणियों में ईश्वर का भाव रखने से अविचल भक्ति प्राप्त होती है। मनुष्य शरीर संसार-सागर से पार जाने के लिए एक सुदृढ़ नौका के समान है, जिसके केवट स्वयं गुरुदेव हैं। कथा के अंत में श्रीकृष्ण द्वारा उद्धव को दिए...