सीतामढ़ी, जुलाई 11 -- Sitamarhi News: प्रलयंकर सुरसंड। प्रखंड क्षेत्र में लाखों रुपये की लागत से स्थापित अधिकांश सरकारी नलकूप किसानों के लिए राहत का साधन बनने के बजाय शोभा की वस्तु बनकर रह गए हैं। बिजली आपूर्ति में बाधा और तकनीकी खराबी के कारण कई नलकूप लंबे समय से बंद पड़े हैं, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए निजी नलकूपों का सहारा लेना पड़ रहा है। यह भी पढ़ें- Sitamarhi News: शोभा की वस्तु बने नलकूप, निजी साधनों से महंगी पड़ रही सिंचाईसरकारी नलकूपों की स्थिति बारिश नहीं होने से किसानों ने धान की रोपनी शुरू करने के लिए निजी संसाधनों से खेतों की पटवन करानी शुरू कर दी है। निजी नलकूपों से सिंचाई कराने में अधिक खर्च आने के कारण खेती की लागत लगातार बढ़ रही है। इससे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है और उनकी चिंता बढ़ गई है।किसानों की चिंता...