सीतामढ़ी, सितम्बर 25 -- Sitamarhi News: पुपरी। नगर स्थित श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर (जालान मंदिर) परिसर में आयोजित दिव्य श्रीमद्भागवत कथा के पंचम दिवस पर कथावाचक पूज्य ब्रह्मचारी चंद्रपाल जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया। बाल्यकाल में राक्षसी पूतना ने छलपूर्वक विषपान कराकर श्रीकृष्ण का वध करने का प्रयास किया था, लेकिन 16 कलाओं से पूर्ण भगवान श्रीकृष्ण ने उसका उद्धार करते हुए उसका अंत कर दिया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं अद्भुत और अपरंपार हैं। यमुना तट पर अपनी मनमोहक लीलाओं से गोपियों और गौओं को मोहित करने वाले नंदलाल के प्रति माता यशोदा का वात्सल्य भाव भक्तों को भावविभोर कर देता है। कथा के दौरान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं एवं माखन-मिश्री प्रसंग का भी विस्तार से वर्णन किया गया।कथा आयोजन में बजरंग प...