नई दिल्ली, मई 27 -- भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने आज (27 मई) एक बेहद अहम फैसला सुनाते हुए भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा मतदाता सूची के 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) को कानूनी रूप से वैध ठहराया है। मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने इस प्रक्रिया के खिलाफ दायर सभी याचिकाओं को खारिज करते हुए चुनाव आयोग के अधिकारों को बरकरार रखा है।क्या है स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) का विवाद? चुनाव आयोग ने पिछले साल (जून 2025 में) बिहार से मतदाता सूचियों के 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' की शुरुआत की थी, जिसे बाद में पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में भी लागू किया गया। इस प्रक्रिया के तहत एक नियम यह रखा गया था कि जिन मतदाताओं के नाम 2002 या 2003 की मतदाता सूची में नहीं थे, उन्हें अपनी वंशावली साबित करने के...