लखनऊ, नवम्बर 8 -- मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। एसआईआर के दौरान व्यक्ति के माता-पिता, बाबा-दादी और नाना-नानी का ब्योरा ही मान्य होगा। अगर वर्ष 2003 की मतदाता सूची में व्यक्ति का नाम है तो उसे गणना फॉर्म पर व्यक्तिगत जानकारी और विधानसभा इत्यादि की जानकारी देनी होगी और इसके बाद उससे कोई दस्तावेज नहीं लिया जाएगा। वहीं गणना फॉर्म में एक कालम यह भी है कि अगर 2003 की मतदाता सूची में उसका नाम नहीं है लेकिन सगे संबंधी का नाम है तो उसका ब्योरा दिया जा सकता है। बाद में आयोग सुनवाई के दौरान उस संबंधी से अपना रिश्ता साबित करने के लिए दस्तावेज देना होगा। सभी बीएलओ को निर्देश दिए गए हैं कि फॉर्म वितरित करते समय इसकी ढंग से जानकारी दें। दरअसल पश्चिम बंगाल में रक्त संबंधियों में चाचा और ताऊ को शामिल करने ...
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