सिमडेगा, अगस्त 11 -- Simdega News: पाकरटांड़, प्रतिनिधि। एक तरफ देश डिजिटल हो रहा है, तो दूसरी तरफ पाकरटांड़ पंचायत अंतर्गत मंदार गांव के मासूम हर दिन मौत से आंख-मिचौली खेलकर स्कूल जाने को मजबूर हैं। गांव के मुख्य रास्ते पर स्थित एक पुलिया पिछले काफी समय से ध्वस्त पड़ी है, जो अब हादसों को खुला निमंत्रण दे रही है।

बच्चों की जान का जोखिम कंधे पर भारी बस्ता टांगे और यूनिफॉर्म पहने प्राथमिक विद्यालय के नन्हे-मुन्ने बच्चे हर रोज इस टूटी पुलिया पर 'सर्कस' के बाजीगरों की तरह जान जोखिम में डालकर नाला पार कर रहे हैं। मानसून की बारिश ने इस खतरे को कई गुना बढ़ा दिया है। पुलिया के टूटे हिस्से के ठीक नीचे गहरा गड्ढा है। जिसमें बारिश का तेज पानी बह रहा है। जरा सा पैर फिसला नहीं कि बड़ा हादसा तय है। बच्चों की लाचारी देख कई बार स्थानीय ग्रामीण खुद अपनी ...