नई दिल्ली, अगस्त 3 -- भगवान शिव का पूजन बहुत खास मानाजाता है। सावन में तो खासतौर पर भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए पूजा और उपाय किए जाते हैं। आज हम बात करेंगे शिव के सोलह उपचार पूजन और पार्थिव शिवलिंग को लेकर। सबसे पहले जानते हैं कि भगवान शिव का सोलह उपचार पूजन क्या है।षोडशोपचार पूजन क्या है? भगवान शिव के षोडशोपचार पूजन का अर्थ है कि भगवान शिव को पूजन के लिए 16 चरणों और 16 सामग्रियां अर्पित की जाती हैं। इसका उल्लेख शिवमहापुराण में भी किया गया है। शिवमहापुराण में लिखा है कि भगवान का सबसे पहले आवाहन करना, आसन देना, अर्घ्य देना, पाद्य पाक्ष आचमन देना, अभ्यंगपूर्वक स्नान कराना, वस्त्र अर्पित करना, गन्ध, पुष्प, धूप दीप, नैवेद्य, ताम्बूल-समर्पण, नीराजन, नमस्कार और विसर्जन करना ये सभी मिलाकर सोलह उपचार बताए गए हैं। अर्घ्य से लेकर नैवेद्य तक भग...