नई दिल्ली, मार्च 10 -- होली के बाद शीतला सप्तमी और शीतला अष्टमी का व्रत किया जाता है। आज (10 मार्च) और कल (11 मार्च) चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी-अष्टमी है। इन तिथियों पर शीतला माता की विशेष पूजा और व्रत करते हैं। कुछ जगहों पर सप्तमी पर और कुछ जगहों पर अष्टमी तिथि पर महिलाएं ये व्रत करती हैं। शीतला माता के नाम का अर्थ है शीतलता देने वाली देवी। शीतलता यानी ठंडक। इन दोनों दिन माता शीतला की पूजा की जाती है। ऐसा कहा जाता है कि माता शीतला शीतलता की देवी है। चैत्र मास में सप्तमी और अष्टमी के दिन इन्हीं का पूजन किया जाता है। वे सप्तमी-अष्टमी तिथि की अधिपति देवी हैं। उन्हें गर्म खाने का भोग नहीं लगाया जाता है, इसलिए एक दिन पहले खाना बनाया जाता है और बासी खाने का भोग लगाया जाता है। मान्यता है कि खासतौर पर मौसमी बीमारियों से ये देवी रक्षा करती...