नई दिल्ली, मई 27 -- Shani ki sade sati ka teesra charan kaisa hota hai: न्यायदेवता शनिदेव जब एक राशि से दूसरे राशि में जाते हैं, तो देश-दुनिया के साथ मेष से लेकर मीन राशि पर अपना प्रभाव डालते हैं। ज्योतिष गणना के अनुसार, वर्तमान में शनि मीन राशि के गोचर में हैं। शनि के मीन राशि में होने से कुछ राशियों पर साढ़ेसाती और कुछ पर ढैय्या का प्रभाव है। साढ़ेसाती के तीन चरण होते हैं। इस समय कुंभ राशि पर साढ़ेसाती का अस्त काल यानी आखिरी (तीसरा) चरण चल रहा है। यह साढ़ेसाती का उतरता हुआ समय होता है, इसलिए इसे 'साढ़ेसाती का उतरना' भी कहा जाता है। शनि के मीन राशि से हटते ही कुंभ राशि वालों को शनि की साढ़ेसाती से छुटकारा मिल जाएगा। जानें साढ़ेसाती के तीसरे चरण में शनि किस तरह के परिणाम देते हैं। यह भी पढ़ें- मीन राशि से कब उतरेगी शनि की साढ़ेसाती? शुभ फ...