नई दिल्ली, जनवरी 9 -- Shani Ki Sade Sati and Dhaiya : ज्योतिषशास्त्र में शनिदेव को खास स्थान प्राप्त है। शनि को कर्मफल दाता माना जाता है, जो व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल देते हैं। शनि का राशि परिवर्तन ज्योतिष में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इसी के साथ किसी राशि पर साढ़ेसाती या ढैय्या शुरू होती है तो किसी राशि से इसका प्रभाव समाप्त हो जाता है। शनि करीब ढाई साल में एक बार राशि परिवर्तन करते हैं। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, हर व्यक्ति पर जीवन में एक न एक बार शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव अवश्य पड़ता है। आइए जानते हैं किस राशि पर कब लगेगी शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या-मेष राशि साढ़ेसाती: 29 मार्च 2025 से 31 मई 2032 तक ढैय्या: 13 जुलाई 2034 से 27 अगस्त 2036 तक 12 दिसंबर 2043 से 8 दिसंबर 2046 तकवृषभ राशि साढ़ेसाती: 3 जून 2...