नई दिल्ली, जुलाई 2 -- Shani ka prabhav mesh to meen rashi till december 2026: साल 2026 में शनि का भले ही कोई गोचर नहीं है लेकिन उनके नक्षत्र और चाल में महत्वपूर्ण बदलाव होगा। ज्योतिष गणना के अनुसार, 2 जुलाई 2026 को शनि रेवती नक्षत्र के द्वितीय पद में गोचर करेंगे। इसके बाद 20 अगस्त को इसी नक्षत्र के प्रथम पद में आ जाएंगे। 9 अक्टूबर को शनि उत्तर भाद्रपद के चतुर्थ पद में आकर सभी 12 राशियों को प्रभावित करेंगे। जुलाई में कुछ समय के लिए शनि की चाल में भी बदलाव होगा। 26 जुलाई 2026 को शनि वक्री होंगे और 138 दिन बाद 11 दिसंबर 2026 को मार्गी होंगे। ज्योतिष में शनि की वक्री चाल का मतलब उलटी और मार्गी का अर्थ सीधी से माना जाता है। शनि का साल 2026 में नक्षत्र गोचर भी होगा। 09 अक्टूबर 2026 को शनि उत्तर भाद्रपद नक्षत्र में आ जाएंगे। इस तरह से 2026 के शे...