शामली, जुलाई 26 -- Shamli News: इससे सिस्टम की कमी कहे या आधार कार्ड में संधोधन को निर्धारित कठोर मापदंड कि आठ साल पहले आधार कार्ड में हुई एक तकनीकी गलती ने गांव बलवा की 24 वर्षीय फातिमा की जिंदगी मुश्किलों से भर दी है। करीब आठ वर्ष पहले आधार अपडेट के दौरान महिला के स्थान पर पुरुष जेंडर दर्ज हो जाने से वह आज तक अपनी पहचान साबित करने के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रही है। इस त्रुटि के कारण न तो उसे सरकारी योजनाओं का लाभ मिल पा रहा है और न ही बायोमेट्रिक सत्यापन न होने के कारण नौकरी मिल रही है। अब विश्वविद्यालय स्तर पर भी उसके शैक्षणिक दस्तावेज अटक गए हैं। फातिमा पुत्री तैय्यब ने बताया कि करीब आठ वर्ष पहले वह गांव के राजकीय हाईस्कूल में कक्षा नौ की छात्रा थी। उस समय विद्यालय में आधार कार्ड अपडेट कराने के लिए एक जनसेवा केंद्र संचालक क...