शामली, जुलाई 26 -- Shamli News: कस्बे के गीता सत्संग भवन में शनिवार सायं आयोजित धार्मिक सत्संग में धार्मिक भक्त समाज के संस्थापक संत स्वरूपानंद गिरी महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि मनुष्य को अपने मन को राग-द्वेष, चुगली, निंदा और अन्य विकारों से दूर रखना चाहिए। भगवान के प्रति सच्चा और निष्काम प्रेम ही जीवन का वास्तविक कल्याण करता है। उन्होंने कहा कि ध्रुव और प्रह्लाद ने निष्काम भक्ति का आदर्श प्रस्तुत किया था। प्रत्येक व्यक्ति को भी उसी प्रकार निष्काम भाव से प्रभु की आराधना करनी चाहिए। संत ने कहा कि मन और शरीर का अटूट संबंध है। मन स्वभाव से चंचल होता है और सांसारिक विषयों की ओर शीघ्र आकर्षित हो जाता है, जिससे व्यक्ति अच्छे और बुरे का विवेक खो बैठता है। यह भी पढ़ें- Shamli News: सद्गुरु ही जीवन को भक्ति मार्ग की सही दिशा दि...