शामली, सितम्बर 22 -- Shamli News: कांधला। नगर के मोहल्ला सरावज्ञान स्थित श्री 1008 भगवान नेमिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में चल रहे दशलक्षण महापर्व के सातवें दिन श्रद्धालुओं ने उत्तम तप धर्म की आराधना की। इस अवसर पर मंदिर में अभिषेक, शांतिधारा, पूजन-अर्चना सहित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। धार्मिक कार्यक्रम प्रतिष्ठाचार्य एवं विद्वान अवनीश जैन शास्त्री, सांगानेर के निर्देशन में संपन्न हुए। यह भी पढ़ें- Varanasi News: इच्छाओं को रोकना ही तप : जैन मुनितप का महत्व जैन दर्शन के अनुसार इच्छाओं को नष्ट करना ही तप है। उत्तम तप का अर्थ केवल उपवास या शरीर को कष्ट देना नहीं, बल्कि सांसारिक इच्छाओं, विकारों तथा पांचों इंद्रियों पर नियंत्रण प्राप्त करना है। तप के माध्यम से आत्मा की शुद्धि और संचित कर्मों की निर्जरा का मार्ग प्रशस्त होता है। जिस ...