शामली, सितम्बर 23 -- Shamli News: शामली। शहर के श्री श्वेतांबर जैन स्थानक मंदिर में आयोजित चातुर्मास के दौरान दस लक्षण पर्व के आठवें दिन संघ संचालक नरेश मुनि गुरुदेव ने उत्तम त्याग धर्म पर प्रवचन किया। उन्होंने कहा कि जो वस्तु अपनी नहीं है या जिसे मनुष्य अपने साथ नहीं ले जा सकता, उसके प्रति मोह और ममत्व छोड़ना ही वास्तविक त्याग है। उन्होंने कहा कि गृहस्थ जीवन में अपनी कमाई का एक हिस्सा जरूरतमंदों और धर्म कार्यों में देना दान कहलाता है, जबकि विकारों का त्याग करना आध्यात्मिक त्याग है। क्रोध, मान, अहंकार और लोभ जैसे आंतरिक विकारों को मन से निकालना सर्वाेच्च त्याग है। यह भी पढ़ें- दशलक्षण पर्व के आठवें दिन उत्तम त्याग धर्म की आराधना मुनियों के लिए सर्वस्व त्याग और गृहस्थों के लिए दान त्याग का स्वरूप है। जितना अधिक मनुष्य त्याग करता है, उतना ही...