शामली, सितम्बर 18 -- Shamli News: कांधला। नगर के श्री 1008 भगवान नेमिनाथ सकल दिगंबर जैन मंदिर में चल रहे दशलक्षण महापर्व के तीसरे दिन श्रद्धालुओं ने उत्तम आर्जव धर्म की आराधना की। इस अवसर पर भगवान जिनेंद्र की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर उत्तम आर्जव धर्म के स्वरूप और उसके आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला गया। शुक्रवार को जैन धर्म में दशलक्षण पर्व आत्मशुद्धि, संयम और आत्मचिंतन का पर्व माना जाता है। इसके तीसरे दिन उत्तम आर्जव धर्म मनाया जाता है। आर्जव का अर्थ है मन, वचन और कर्म में सरलता एवं एकरूपता रखना। छल-कपट, दिखावा और कुटिलता का त्याग कर सहज एवं सरल जीवन जीना ही उत्तम आर्जव धर्म का मूल संदेश है। यह भी पढ़ें- पर्युषण पर्व: तीसरे दिन जीवन में उत्तम आर्जव अपनाने का लिया संकल्प मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही रही। श्रद्धालुओं ने...