शाहजहांपुर, नवम्बर 8 -- Shahjahnpur News: जैतीपुर। दिल्ली की भागदौड़ भरी जिंदगी से कुछ दिन की छुट्टी लेकर मनोज अपने बच्चों के साथ गांव लौटे थे। मकसद था दीपावली पर परिवार के बीच रहना और बच्चों को गांव की खुशियों से जोड़ना। धनतेरस पर घर पहुंचने के बाद परिवार में त्योहार की तैयारियां शुरू हो गई थीं। लेकिन छोटी दीपावली ने ऐसी चोट दी कि अब इस परिवार के लिए त्योहार की हर खुशी एक दर्दनाक याद बन गई है। कटहा गांव के मनोज करीब दस साल से दिल्ली में सब्जी का ठेला लगाते हैं। इसी कमाई से परिवार का खर्च चलता है। पत्नी उर्मिला भी दिल्ली में एक कोठी पर घरेलू काम करती हैं। परिवार में दो महीने बाद शादी होनी है। इसी कारण उर्मिला दिल्ली में ही रुक गई थीं। मनोज बच्चों को लेकर गांव आ गए थे। उन्हें उम्मीद थी कि दीपावली पर बच्चों के साथ कुछ सुकून के पल बिताएंगे। ...