शाहजहांपुर, अक्टूबर 22 -- Shahjahnpur News: शाहजहांपुर। एक ओर बड़े भाई के वनवास से अयोध्या का राजमहल सूना था तो दूसरी ओर छोटे भाई भरत राजपाट ठुकराकर राम की खड़ाऊं को सिंहासन पर रखकर उनकी वापसी की प्रतीक्षा कर रहे थे। त्रेता युग में भाई के प्रति प्रेम, त्याग और समर्पण की जो मिसाल राम और भरत ने पेश की थी, वही दृश्य गुरुवार सुबह शाहजहांपुर के छोटे चौक पर जीवंत हो उठा। राम और भरत का मिलन हुआ तो दोनों भाइयों के गले लगते ही श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। जय श्रीराम के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। ऐसा लगा मानो सदियों पुरानी रामायण की कथा वर्तमान में उतर आई हो और श्रद्धालु उस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बन रहे हों। खिरनीबाग की रामलीला के बाद निकली राजगद्दी शोभायात्रा के दौरान गुरुवार सुबह छोटे चौक पर भरत मिलाप का आयोजन हुआ। भगवान राम के वनवास से लौ...