नई दिल्ली, नवम्बर 4 -- सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि विरोध-प्रदर्शन करने का संवैधानिक अधिकार निर्धारित जगह पर अनिश्चित काल तक कब्जा बनाए रखने की अनुमति नहीं है। शीर्ष अदालत ने कहा कि यदि प्रदर्शन स्थल पर प्रदर्शकारियों के एक समूह लंबे समय तक कब्जा बनाए रखेगा तो दूसरे समूह के लोगों को विरोध के अधिकार से वंचित होना पड़ेगा, क्योंकि विरोध-प्रदर्शन करना सभी का संवैधानिक अधिकार है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ हाल में हुए प्रदर्शनों से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की। सीजेआई ने कहा कि आप किसी जगह हमेशा के लिए कब्जा नहीं कर सकते। किसान, मजदूर, ट्रेड यूनियन कहां जाएंगे? बेघर लोग कहां जाएंगे? हर किसी को विरोध का अधिकार है।प्रदर्शन करने वालों को पक्षका...