Sawan: सावन में ही क्यों की जाती है कांवड़ यात्रा? पौराणिक कहानी से जानें कौन था पहला कांवड़िया
नई दिल्ली, जुलाई 30 -- sawan me kawad lane ki kahani kya hai: सावन का महीना प्रारंभ हो चुका है। सावन माह में लाखों भक्त भगवा वस्त्र धारण किए हुए और नंगे पैर चलते हुए 'हर हर महादेव' का जयकारा लगाते हुए नजर आते हैं। सावन में कांवड़िए कंधों पर सुंदर सजी कांवड़ लेकर लंबी दूरी की यात्रा तय करते हैं और गंगा नदी या अन्य किसी पवित्र नदी से जल एकत्रित करते हैं और फिर भगवान शिव का उसका जलाभिषेक करते हैं। कांवड़ यात्रा को भगवान शिव के प्रति भक्ति, श्रद्धा और सेवा का प्रतीक माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सावन में ही कांवड़ यात्रा क्यों निकाली जाती है, जानें किसने पहली बार उठाई थी पहली बार कांवड़। यह भी पढ़ें- सावन में रोज करें ये 5 आसान उपाय, भगवान शिव की कृपा से बढ़ेगा धन-धान्यसावन में ही कांवड़ को क्यों लाया जाता है: पौराणिक कथाओं में साव...
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