सासाराम, अगस्त 30 -- Sasaram News: दिनारा, एक संवाददाता। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की स्मृतियों को सहेजने का दावा करने वाले सिस्टम की जमीनी हकीकत नटवार बाजार में साफ दिख रही है। आजादी के 79 वर्ष बाद भी गांधी के आदर्शों की निशानी बना ऐतिहासिक स्मारक प्रशासनिक उपेक्षा का दंश झेल रहा है। नटवार बाजार स्थित सार्वजनिक गांधी स्मारक इन दिनों गंदगी, जलजमाव और नाली के बदबूदार पानी से घिरा है। राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक यह स्थल साल में सिर्फ दो दिन तिरंगा फहराने तक सिमटकर रह गया है। बताया जाता है कि वर्ष 1969 में महात्मा गांधी के जन्मशताब्दी वर्ष के अवसर पर तेनुअज निवासी हरिराम साह ने जनसहयोग और चंदा जुटाकर इस स्मारक का निर्माण कराया था।

स्थानीय स्थिति स्थानीय बुजुर्गों के अनुसार, निर्माण के शुरुआती करीब तीन दशकों तक स्मारक की नियमित सफाई, रंग-रोगन औ...